बारिश में भी नहीं थमा आदिवासी गौरव का उत्साह, बिछुआ उमड़ा जनसैलाब, दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, चर्चा में रही टीआई सतीश उईके की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रही
केएमबी ब्यूरो श्रावण कामड़े
बिछुआ। विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को बिछुआ का दशहरा मैदान आदिवासी संस्कृति, एकता और उत्साह के रंग में सराबोर नजर आया। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से निकली भव्य रैली में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। बारिश के बीच भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और गोंडी गीतों के साथ निकली रैली ने नगर में आदिवासी संस्कृति की शानदार झलक प्रस्तुत की।
रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए बस स्टैंड पहुंची, जहां से दशहरा मैदान पहुंचकर सभा में परिवर्तित हुई। नगर में रैली का अन्य समुदायों द्वारा पुष्पवर्षा एवं फूलों से स्वागत किया गया। इस दौरान सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की मिसाल देखने को मिली।
भोपाल-नागपुर के वक्ताओं ने दिया एकता और शिक्षा का संदेश
कार्यक्रम में भोपाल एवं नागपुर से आए आदिवासी समाज के वक्ताओं ने समाज की एकता, शिक्षा, अधिकार, संस्कृति और परंपराओं को लेकर संबोधित किया। वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने का आह्वान किया।
मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने और समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया।
झांकी और गोंडी गीत रहे आकर्षण का केंद्र
आदिवासी समाज द्वारा तैयार की गई विशेष झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। वहीं मंच पर नाट्यनम ग्रुप द्वारा शानदार गोंडी गीतों की प्रस्तुति दी गई। गोंडी गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे दशहरा मैदान को आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग दिया।
गिरते पानी में भी पुलिस रही मुस्तैद, हर गतिविधि पर नजर
कार्यक्रम के दौरान बारिश के बावजूद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। बिछुआ थाना प्रभारी टीआई सतीश उईके के नेतृत्व में पुलिस बल ने रैली से लेकर कार्यक्रम स्थल तक चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था संभाली। गिरते पानी में भी पुलिस जवान ड्यूटी पर तैनात रहे। रैली के मार्ग, बस स्टैंड और दशहरा मैदान में सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात एवं भीड़ की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई। पुलिस की सतर्कता के चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में नायब तहसीलदार चरणसिंह धुर्वे, सतीश उईके, सतीश भलावी, रामदास उईके, परसराम उईके, दया उईके, गोपाल कवरेती, पाला सरयाम, राजकुमार मरावी, विनोद मर्सकोले, डी.डी. उईके, शिव कुमार सिरसम, जानिकराम सराठे, बालगोविंद पंद्रे सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे।
मीडिया की ओर से श्रावण कामड़े एवं हेमराज मांडेकर उपस्थित रहे। मंच संचालन दया उईके, परसराम उईके एवं रामदास उईके ने किया।
कार्यक्रम में आदिवासी समाज की एकजुटता, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सौहार्द की भव्य तस्वीर देखने को मिली।
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