गुरुमंत्र लेने के बाद मनुष्य भगवत सत्ता के करीब पहुंच जाता है- तारिणी बाई जी
अमेठी। विकासखंड सिंहपुर के टिकरी ग्रामसभा अंतर्गत सद्भावना सम्मेलन का आयोजन किया गया। टिकरी के कुम्हारन पुरवा गांव निवासी शिवलाल प्रजापति के दरवाजे पर बुधवार को एक दिवसीय सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में आध्यात्मिक गुरु सतपाल महाराज की शिष्या तारिणी बाई ने सत्संगियों को बताया कि जिज्ञासुओं के लिए समय के सद्गुरु अंधेरे में प्रकाश दिखाने के समान है। बिना गुरु के सृष्टि का कोई मनुष्य भव सागर से पार नहीं जा सकता है। कलियुग में तमाम तरह के पंथ और सम्प्रदायों ने जन्म ले लिया है अब ऐसे समय में समय के सद्गुरु की तलाश करके उनसे गुरुमंत्र लेकर मानव को अपना कल्याण करने का प्रावधान करना चाहिए। गुरुमंत्र में बड़ी ताकत होती है गुरुमंत्र लेने के बाद एक आध्यात्मिक जीव भगवत सत्ता के काफी करीब पहुंच जाता है। ईश्वर तक पहुंचने से पहले प्रकृति इंसान की तमाम तरह की परीक्षाएं भी लेती है। इन परीक्षाओं में पास होने के बाद ही ईश्वर की प्राप्ति होती है जिसके बाद मानव मायाजाल में रहने के बाद भी आंतरिक सुख की अनुभूति करता है जिसे आत्मिक आनंद कहा जाता है। इसी आनंद को प्राप्त करने के लिए दुनिया के जीव भटक रहे हैं लेकिन लक्ष्य पर पहुंचने से पहले ही परीक्षाओं में ही फेल हो जाते हैं। एक भटके हुए नर को जो नारायण का दर्शन करा दे वही तत्वदर्शी, आध्यात्मिक और समय का सद्गुरु है। तारिणी बाई ने आगे बताया कि आत्मा को कोई नष्ट नहीं कर सकता वह अनेक रूपों में स्थानांतरित होती रहती है। इसीलिए हमें मौत से नहीं डरना चाहिए। जब व्यक्ति सही और सकारात्मक दिशा में कदम रखता है तो ईश्वर के साथ-साथ प्रकृति भी उसकी मदद करती है। उन्होंने राम चरित्र मानस के प्रसंग राम और लक्ष्मण के उपर नागपाश प्रहार का वर्णन करते हुए बताया कि ऐसे विकट संकट में गरुण का नागपाश काटना यह उदाहरण दर्शाता है। सत्संग में हरिनाम सिंह, राम अवध यादव, राम शंकर चौरसिया, सहदेव सिंह, राम सजीवन प्रजापति, छोटू यादव, मनमोहन प्रजापति, राम सरुप, राम लुटावन, रतिपाल प्रजापति, संजय सिंह, रामहर्ष प्रजापति आदि लोग मौजूद रहे।
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