गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. मोनिका सिंह की पुस्तक का सीआरसी प्रेस, लंदन से प्रकाशन, अमेठी का नाम देश दुनिया में रोशन कर रही है मोनिका
अमेठी। देहरादून स्थित उत्तरांचल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एप्लाइड एंड लाइफ साइंसेज़ के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में सहायक प्रोफेसर एवं गोल्ड मेडलिस्ट वैज्ञानिक डॉ. मोनिका सिंह की पुस्तक का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन संस्थान टेलर एंड फ्रांसिस ग्रुप (सीआरसी प्रेस), लंदन, यूनाइटेड किंगडम द्वारा प्रकाशन किया गया है। यह उपलब्धि भारतीय वैज्ञानिक समुदाय के साथ-साथ कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है। डॉ मोनिका सिंह का जन्म जनपद अमेठी विकासखंड शुकुल बाजार, ग्राम इन्दरिया के जमींदार परिवार में हुआ। शुरू से ही मोनिका सिंह बेहद ही प्रतिभावान थी। इनके पिता स्वर्गीय राजेंद्र प्रताप सिंह (कक्कन सिंह)का सपना था कि बेटी बड़ी होकर पीएचडी करें और बेटी ने अपने पिता के सपनों को साकार किया।
डॉ. मोनिका सिंह वर्ष 2021 से उत्तरांचल विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से जैव प्रौद्योगिकी विषय में पीएच.डी. की तथा कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा भी उत्तीर्ण की। उनके शोध का प्रमुख क्षेत्र पर्यावरणीय जैव प्रौद्योगिकी, आणविक सूक्ष्मजीव विज्ञान, सूक्ष्मजीवी नैनो प्रौद्योगिकी, एंडोफाइटिक सूक्ष्मजीव तथा पादप–सूक्ष्मजीव अंतःक्रियाएँ हैं। उनके 50 से अधिक शोध-पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
उनकी प्रकाशित पुस्तक सतत कृषि उत्पादकता, वैश्विक खाद्य सुरक्षा और भूख उन्मूलन में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की भूमिका पर आधारित है। पुस्तक में पौध वृद्धि को प्रोत्साहित करने वाले राइजोबैक्टीरिया, जैव उर्वरक, मृदा उर्वरता, पौध माइक्रोबायोम, प्रतिकूल परिस्थितियों में सूक्ष्मजीवों की भूमिका, सूक्ष्मजीवी जैव प्रौद्योगिकी, प्रिसिजन एग्रीकल्चर तथा पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
यह पुस्तक शोधकर्ताओं, कृषि वैज्ञानिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और नीति-निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी तथा सतत कृषि विकास और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगी। डॉ. मोनिका सिंह को वर्ष 2025 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा यंग वूमेन साइंटिस्ट अवार्ड, वर्ष 2019 में यंग साइंटिस्ट अवार्ड तथा वर्ष 2013 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इंस्पायर फेलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. मोनिका सिंह वर्तमान में विश्व की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शोध पत्रिका फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायोलॉजी की एसोसिएट एडिटर (सह-संपादक), अमेरिका की इंटरनेशनल जर्नल ऑफ वेजिटेबल साइंस की एसोसिएट एडिटर (सह-संपादक) तथा एशियन फाइटोपैथोलॉजिकल सोसायटी, चीन की सदस्य हैं।
डॉ. मोनिका सिंह की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं तथा शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे भारतीय विज्ञान एवं कृषि अनुसंधान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
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