⚡ ब्रेकिंग News

नहीं होगी राहुल गांधी के वॉयस सैंपल की जांच, निचली कोर्ट का आदेश बरकरार

नहीं होगी राहुल गांधी के वॉयस सैंपल की जांच, निचली कोर्ट का आदेश बरकरार 

केएमबी संवाददाता 
सुल्तानपुर। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े चर्चित मानहानि मामले में सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट (एडीजे-5) में अहम सुनवाई के बाद अदालत ने दाखिल रिवीजन याचिका पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहुत सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखते हुए 15 जुलाई की तारीख तय की थी। यह रिवीजन याचिका परिवादी पक्ष की ओर से दाखिल की गई है। दरअसल, निचली अदालत ने उस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था, जिसमें राहुल गांधी के वॉइस सैंपल का अदालत में पेश सीडी की आवाज से विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में मिलान कराने की मांग की गई थी। करीब आठ वर्ष पुराने इस मामले की शुरुआत कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के एक बयान से हुई थी। आरोप है कि राहुल गांधी ने प्रेसवार्ता के दौरान तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी को आधार बनाकर सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दीवानी न्यायालय में मानहानि का परिवाद दाखिल किया था।
अदालत ने परिवाद स्वीकार करते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को सुल्तानपुर कोर्ट में पेश होकर जमानत करा चुके हैं। वहीं 26 जुलाई 2024 को उनका बयान भी दर्ज किया जा चुका है। वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने अदालत में दलील दी थी कि मामले में सच्चाई स्पष्ट करने के लिए सीडी की आवाज और राहुल गांधी की वास्तविक आवाज का एफएसएल परीक्षण जरूरी है। हालांकि निचली अदालत ने इस मांग को अस्वीकार कर दिया था, जिसके बाद एडीजे-5 की अदालत में रिवीजन दाखिल किया गया।

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...