भूकंप आपदा पर सिवान में मेगा मॉक ड्रिल, 8.0 तीव्रता के कृत्रिम भूकंप परिदृश्य में बचाव कार्यों का अभ्यास
केएमबी ब्यूरो मुकुल बरनवाल
सिवान। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने हेतु सिवान जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार को राज्य स्तरीय ‘मेगा मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी सह इंसीडेंट कमांडर विवेक रंजन मैत्रेय के नेतृत्व में यह व्यापक अभ्यास संपन्न हुआ।
मॉक ड्रिल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), नई दिल्ली एवं बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के दिशा-निर्देशों के आलोक में आयोजित किया गया।
दो चरणों में हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल के प्रथम चरण में 25 फरवरी को सुबह 9 बजे ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ (TTEx) आयोजित की गई, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपदा प्रबंधन की रणनीतियों, संसाधनों एवं कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई।
द्वितीय चरण में 26 फरवरी को सुबह 8:20 बजे सायरन बजाकर 8.0 तीव्रता के भूकंप का कृत्रिम परिदृश्य तैयार किया गया। इसके बाद सभी विभागों एवं बचाव दलों ने निर्धारित स्थलों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया।
सात स्थानों पर ‘लाइव’ रेस्क्यू सिमुलेशन
जिले के सात चिन्हित स्थलों पर आपदा की स्थिति का वास्तविक अभ्यास किया गया।
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में भवन ढहने की स्थिति में छात्रों के रेस्क्यू का अभ्यास।
सदर अस्पताल में क्षतिग्रस्त हिस्से से मरीजों को सुरक्षित निकालने एवं मास कैजुअल्टी मैनेजमेंट का परीक्षण।
बियाडा परिसर, हरदिया मोड़ में व्यावसायिक क्षेत्र में राहत कार्य।
डीआरसीसी परिसर में आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी।
ऑफिसर्स कॉलोनी में ऊंची इमारतों से फंसे लोगों का बचाव।
महाराजगंज अनुमंडल कार्यालय परिसर एवं प्रकाश पेट्रोल पंप में आग बुझाने और भीड़ नियंत्रण का अभ्यास।
रणनीतिक कमांड सेंटर सक्रिय
गांधी मैदान को स्टेजिंग एरिया बनाया गया, जहां NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड एवं अन्य बचाव दलों का एकत्रीकरण किया गया। अंबेडकर भवन/टाउन हॉल में राहत शिविर स्थापित किया गया। पुलिस लाइन मैदान में हेलीबेस बनाकर एयर इवैक्यूएशन का अभ्यास किया गया। समाहरणालय स्थित जिला आपात संचालन केंद्र (DEOC) से समग्र निगरानी एवं ड्रोन के माध्यम से मॉनिटरिंग की गई।
नागरिकों से अपील
जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि सायरन, एंबुलेंस या भारी पुलिस बल की गतिविधियों को देखकर घबराएं नहीं, यह केवल पूर्वाभ्यास है। अभ्यास के दौरान एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया तथा मलबा हटाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।
विभिन्न विभागों की सहभागिता
इस महा-अभ्यास में SDRF, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अग्निशमन सेवा, NCC कैडेट्स, होमगार्ड, आपदा मित्र एवं जीविका दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
जिला प्रशासन के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर जन-धन की क्षति को न्यूनतम करना है।
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