भीखीपुर में हज़रत बाबा अब्दुल समद शाह का सालाना उर्स संपन्न
तिलोई,अमेठी। सूफी संतों की धरती अमेठी के तिलोई क्षेत्र स्थित भीखीपुर में हज़रत बाबा अब्दुल समद शाह का सालाना उर्स पूरे अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हुआ। उर्स के मौके पर क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूर-दराज़ जनपदों से भी बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह पर पहुंचे और चादरपोशी कर अपनी मुरादों के लिए दुआ मांगी।उर्स के दौरान दरगाह परिसर में रूहानी माहौल देखने को मिला। अकीदतमंदों ने हज़रत बाबा अब्दुल समद शाह की दरगाह पर फूल और चादर पेश कर सलाम अकीदत पेश किया। इस अवसर पर आयोजित मजलिस और महफिलों में उलेमा और सूफी विद्वानों ने कहा कि सूफी संतों की तालीम इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और आपसी सद्भाव का पैगाम देती है, जिसे आज के दौर में अपनाना बेहद जरूरी है।कार्यक्रम के दौरान महफिल-ए-कव्वाली का भी आयोजन हुआ, जिसमें कव्वालों ने सूफियाना कलाम और मनकबत पेश कर माहौल को रूहानियत से सराबोर कर दिया। देर रात तक अकीदतमंद इस रूहानी महफिल में डूबे रहे।
उर्स में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल पेश की। इंतजामिया कमेटी और स्थानीय लोगों ने जायरीन के लिए लंगर और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की।आखिर में देश-दुनिया में अमन, शांति और खुशहाली की दुआ के साथ सालाना उर्स का समापन हुआ।
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