भागवत कथा के प्रथम दिवस बताया गया कथा का महत्वम
तिलोई,अमेठी। सिंहपुर विकास क्षेत्र अंतर्गत उसरहा गांव में शुक्रवार से भागवत कथा का शुभारंभ हुआ । कथा के प्रथम दिवस अयोध्या से पधारे कथा व्यास उज्जवल शास्त्री जी महाराज ने कथा के महत्व के बारे में प्रकाश डालते हुए बताया कि भागवत कथा एक अमर ग्रन्थ हैं यह वेदों का सार है इसको सुनने से तमाम पाप नष्ट हो जाते हैं । कथा सुनने से हम सबको वास्तविक ज्ञान की अनुभूति होती है जिसके बाद व्यक्ति मृत्यु से नहीं डरता है । पौराणिक कथाओं के अनुसार जब राजा परीक्षित को श्रृंगी ऋषि से तक्षक सांप के काटने का श्राप मिला तो उन्होंने सात दिन तक भागवत कथा सुनी । कथा सुनने के बाद ही राजा परीक्षित का कल्याण संभव हो पाया । आज का मानसिक परिवेश बहुत गंदा हो गया है ऐसे समय में हम लोगों को अपने बच्चों को कथाओं में जरूर भेजना चाहिए । कथा पंडाल हमें जीवन जीने की कला सिखाते हैं । जैसे स्कूलों में बच्चों को भौतिक ज्ञान सिखाया जाता है वैसे ही कथा पंडाल में आध्यात्मिक ज्ञान की जानकारी दी जाती है । देखा जाए तो कथा पंडाल और स्कूलों की क्लासों में ज्यादा भिन्नता नहीं है । कथा के मुख्य यजमान लोधेश्वर शुक्ला ने बताया कि बड़े पुण्य प्रतापों के बाद कथा कराने का सौभाग्य प्राप्त होता है । परिवारी जन और इष्टमित्र मिलकर कथा को सफल बना रहे हैं । कलशयात्रा में लोगों के हुजूम को देखकर लोगों का मन गदगद हो गया था । कथा के प्रथम दिवस दीपू बाजपेई,अमित तिवारी,गौरव त्रिपाठी,आकाश मिश्रा,दीपू शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।
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