भावुकता और सम्मान से सराबोर रहा सेवानिवृत्त शिक्षकों का विदाई समारोह
सुल्तानपुर। कुड़वार ब्लॉक के विद्यालयों में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब वर्षों तक अपनी मेहनत, समर्पण और स्नेह से बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षकों को विदाई दी गई। यह अवसर सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य के अटूट रिश्ते, सम्मान और कृतज्ञता का जीवंत उदाहरण बन गया। प्राथमिक विद्यालय मठा नेवानी के प्रधानाध्यापक सुहेल सिद्दीकी, कंपोजिट विद्यालय हाजीपट्टी के प्रधानाध्यापक शिव कुमार तिवारी तथा प्राथमिक विद्यालय अलीगंज प्रथम की प्रधानाध्यापिका कुसुम सिंह के सम्मान में आयोजित इस विदाई समारोह एवं वार्षिकोत्सव को बड़े ही धूमधाम और भावुक माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को माल्यार्पण कर, पुष्प गुच्छ भेंट कर तथा अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया। बच्चों की नम आंखें और शिक्षकों की भावुक मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि ये रिश्ता सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि दिलों से जुड़ा हुआ है। छात्रों ने अपने प्रिय गुरुओं को उपहार भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, ब्लॉक कुड़वार के अध्यक्ष एवं जिला प्रवक्ता निजाम खान ने अपने भावुक उद्बोधन में कहा कि
"शिक्षक केवल पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाज का मार्गदर्शक होता है। सेवानिवृत्ति एक औपचारिक पड़ाव है, लेकिन शिक्षक का ज्ञान और संस्कार जीवनभर समाज को दिशा देता रहता है।" उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों के उत्कृष्ट शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों के जीवन में उनके योगदान की सराहना की।
प्राथमिक विद्यालय अलीगंज में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि "आज हम जिन ऊंचाइयों को छूते हैं, उसकी नींव हमारे गुरु ही रखते हैं। ऐसे समर्पित शिक्षकों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।" इस दौरान संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष धीरेन्द्र राव, इरफान खान और सारिका सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षकों के योगदान को नमन किया। वहीं, प्राथमिक विद्यालय मठा नेवानी में आयोजित समारोह की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक मुहम्मद हादी खान ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची खंड शिक्षा अधिकारी रोजी सिंह ने प्रधानाध्यापक सुहेल सिद्दीकी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि "शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता, वह जीवन भर सीखता और सिखाता रहता है। आपने शिक्षा उन्नयन में जो योगदान दिया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।"
समारोह के अंत में वातावरण इतना भावुक हो गया कि कई लोगों की आंखें नम हो उठीं। यह विदाई नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत था—जहां शिक्षक अपने अनुभवों की रोशनी से समाज को आगे भी मार्गदर्शन देते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन लईक अहमद ने किया। इस अवसर पर संकुल प्रभारी हाजीपट्टी मोती खान, ए आर पी श्रीपाल यादव,बड़े लाल सिंह,देवेंद्र यादव, धर्मेंद्र तिवारी व्यायाम शिक्षक अरुणेंद्र सिंह,राम देव अरविंद सिंह, जियाउद्दीन अंसारी,रियाज अहमद,जावेद कलीम, मुहम्मद मुज्तबा अंसारी फ़ैज़ उल्लाह अंसारी,कौशलेंद्र ,फूल चंद्र,राकेश सिंह,जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश मिश्रा,फैयाज अहमद,प्रमोद यादव,आसिफ ,सिकंदर वर्मा,गोपाल पाण्डेय ,संजय यादव,महताब हुसैन ,रणधीर सिंह,सुनील सरोज, मुजफ्फर कलीम खान,सुनील कुमार,तौहीद अहमद,रंजीत कुमार,प्रेम सागर मौर्य,इत्यादि लोग उपस्थिति रहे।
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