तालाब की भूमि में उगी गेहूं फसल को लेकर विवाद, कुर्क फसल में अनियमितता के आरोप
अमेठी। तहसील तिलोई क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामपुर पवारा के पूरे चौबे गांव में तालाब की भूमि में उगी गेहूं की फसल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राजस्व प्रशासन द्वारा इस फसल को अवैध कब्जे की श्रेणी में मानते हुए कुर्क किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि कुर्क की गई फसल को आधिकारिक रूप से कटवाने से पहले ही आधी फसल चोरी-छिपे काट ली गई। इसके बाद शेष बची हुई फसल को तहसील प्रशासन की मौजूदगी में कंबाइन मशीन से कटवाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब की भूमि सरकारी संपत्ति होती है और उस पर किसी भी प्रकार की खेती अवैध मानी जाती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा की गई कुर्की कार्रवाई के बाद फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी था, लेकिन कथित लापरवाही के चलते फसल का बड़ा हिस्सा पहले ही गायब हो गया।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शेष फसल की कटाई तहसीलदार अभिषेक यादव, हल्का लेखपाल संजीत विश्वकर्मा तथा पूर्व लेखपाल मानस शुक्ला के संरक्षण में कराई गई, जिससे पूरे मामले पर सवाल उठ रहे हैं।ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही तालाब की भूमि को स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की है।समाचार लिखे जाने तक संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।
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