कृष्ण और सुदामा की मित्रता कलियुग के लिए प्रेरणा दायक- कथा व्यास रामानुजाचार्य
तिलोई,अमेठी। सिंहपुर क्षेत्र के मिर्ज़ागढ़ मजरे कुकहा में बीते एक सप्ताह से भागवत कथा चल रही है। आदि शक्ति मां मरहरा मंदिर परिसर में शाम को सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रीय लोग भागवत सुनने आते हैं। कथा के अंतिम दिवस कथा व्यास पीठ रामानुजाचार्य जी महाराज ने सुदामा चरित्र का मार्मिक और करुण रस से ओतप्रोत प्रसंग लोगों को सुनाया। कई सारे लोग तो सुदामा चरित्र सुनकर व्याकुल भी हो गए। रामानुजाचार्य ने बताया कि कर्मयोगेश्वर श्री कृष्ण ने द्वापर के अंत में सुदामा जैसा चरित्र अपने जीवन में लाकर मित्रता का एक अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत किया। सुदामा न होते तो कृष्ण का चरित्र अधूरा रहता। जिस प्रकार कृष्ण ने वैभव आने के बाद सुदामा जैसे गरीब मित्र के साथ व्यवहार किया वैसे ही हम लोगों को अपने मित्रों के साथ करना चाहिए। वर्तमान में देखा जाय तो मित्र मित्र का गला काटे दे रहा है जो कि आने वाली पीढ़ियां के लिए बहुत घातक होगा, इसीलिए अभी समय है चेत जाओ। परीक्षित मोक्ष की कथा का वर्णन काफी शिक्षा प्रद रहा। अपने अंतिम दिनों में राजा परीक्षित ने दुनिया को बता दिया सत्संग के बिना किसी का कल्याण संभव नहीं है। मनुष्य जीवन का लक्ष्य मोक्ष प्राप्ति है और मनुष्य माया में फंसा हुआ है। ज्यादा लगाव दुःख का कारण बनता है इसीलिए अत्यधिक मोह त्यागना चाहिए। फिलहाल ग्रामीणों से बातचीत करने पर पता चला कि कथा का मुख्य आकर्षण बालगायक अंशिका किशोरी हैं। अंशिका किशोरी के मधुर-मधुर भजन लोगों को कथा में आने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। कथा के यजमान संतोष भदौरिया ने बताया कि कथा समाप्ति के बाद 28 मई दिन बृहस्पतिवार को विशाल भंडारा है। कथा संपूर्ण क्षेत्र वासियों के सहयोग के साथ-साथ फूलू कश्यप, अनिल प्रजापति, सुनील प्रजापति, विजय प्रजापति, सौरभ श्रीवास्तव, हरिराम प्रजापति, प्रदीप जायसवाल आदि युवाओं के प्रयासों से संपन्न हुई। कथा के अंतिम दिवस संदीप पांडेय, सिद्धार्थ द्विवेदी, विनीत पाण्डेय, गुड्डू द्विवेदी, भूपेंद्र सिंह, हरिकेश सिंह, प्रदीप पांडेय, सज्जन पाण्डेय, कालीचरण, अशोक पासी, अर्पित तिवारी, ब्रजेश प्रजापति, रोहित चौरसिया आदि लोग मौजूद रहे।
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