आरबीएसके योजना से दो वर्षीय बालक का सफल निःशुल्क हार्ट ऑपरेशन, मिला नया जीवन
छिंदवाड़ा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए जन्मजात हृदय रोग किसी अभिशाप से कम नहीं होता, क्योंकि महंगे उपचार और ऑपरेशन का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं होता। ऐसे में केंद्र एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) ने एक दो वर्षीय बालक को नया जीवन प्रदान किया है।
आदिवासी विकासखंड बिछुआ के ग्राम मडकासुर निवासी श्री हीराजी बेटे का पुत्र हर्षल बेटे (उम्र 2 वर्ष) जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसके पिता मजदूरी के लिए अक्सर महाराष्ट्र जाते रहे हैं। हर्षल का उपचार पिछले छह माह से नागपुर में चल रहा था।
आंगनवाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने बच्चे में हृदय संबंधी समस्या की जानकारी आरबीएसके चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुर्गेश मराठा को दी। इसके बाद बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण कर परिजनों को पूरी जानकारी दी गई। आरबीएसके टीम द्वारा बच्चे को जिला शीघ्र हस्तक्षेप एवं निदान केंद्र (डीईआईसी), छिंदवाड़ा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में ले जाया गया, जहां एसआरसीसी नारायणा हेल्थ, मुंबई के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ईको जांच की।
जांच में बच्चे को जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) एवं वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) से पीड़ित पाया गया, जिसके बाद ऑपरेशन की सलाह दी गई। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चौरई प्रभात मिश्रा एवं मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी बिछुआ डॉ. निलेश सिडाम के मार्गदर्शन में आरबीएसके चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुर्गेश मराठा ने ऑपरेशन हेतु आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को समझाइश दी।
हालांकि आर्थिक तंगी के कारण बच्चे के पिता मुंबई जाने और ऑपरेशन कराने को लेकर असमंजस में थे। इस दौरान सांसद विवेक बंटी साहू के सहयोग से पीड़ित बच्चे और उसके परिजनों के लिए नागपुर से मुंबई आने-जाने का ट्रेन आरक्षण कराया गया।
इसके बाद 19 अगस्त 2025 को एसआरसीसी नारायणा हेल्थ, मुंबई में आरबीएसके योजना के अंतर्गत हर्षल का सफल हृदय ऑपरेशन किया गया। कलेक्टर हरेन्द्र नारायण, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गुन्नाडे तथा जिला नोडल अधिकारी डॉ. पुष्पा रानी सिंह के निर्देशन में 8 अप्रैल 2026 को डीईआईसी छिंदवाड़ा में आयोजित फॉलोअप शिविर में बच्चे की टू-डी इकोकार्डियोग्राफी जांच की गई।
जांच रिपोर्ट में हर्षल के हृदय का छेद पूरी तरह भर चुका पाया गया तथा सभी रिपोर्ट सामान्य रहीं। वर्तमान में बच्चा पूर्णतः स्वस्थ है। आरबीएसके चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुर्गेश मराठा एवं एएनएम श्रीमती प्रागवती तुमडाम द्वारा नियमित रूप से बच्चे का फॉलोअप किया जा रहा है।
यह सफलता राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रभावशीलता का उदाहरण है, जिसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को गंभीर एवं जन्मजात बीमारियों का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
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