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जब अस्पताल में भूख से जूझ रहे तीमारदारों तक पहुँची उम्मीद की थाली, तब फिर मुस्कुराई इंसानियत

जब अस्पताल में भूख से जूझ रहे तीमारदारों तक पहुँची उम्मीद की थाली, तब फिर मुस्कुराई इंसानियत

केएमबी संवाददाता
सुल्तानपुर 16 जुलाई 2026। किसी अस्पताल में भर्ती मरीज का दर्द जितना बड़ा होता है, उससे कम पीड़ा उसके साथ दिन-रात रहने वाले तीमारदार की नहीं होती। कई बार इलाज के खर्च के बीच भोजन की व्यवस्था करना भी उनके लिए कठिन हो जाता है। वहीं रेलवे स्टेशन पर सफर कर रहे जरूरतमंद यात्रियों और बेसहारा लोगों के लिए भी एक समय का भोजन बड़ी राहत बन जाता है।

ऐसे ही लोगों के चेहरों पर सुकून और मुस्कान लाने का कार्य पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ लगातार कर रहा है। संघ की निःशुल्क रसोई के अंतर्गत प्रत्येक बृहस्पतिवार स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं जिला चिकित्सालय तथा रेलवे स्टेशन परिसर में निःशुल्क गरम, ताज़ा और स्वादिष्ट भोजन वितरित किया जाता है।

इसी क्रम में गुरुवार की उमस भरी शाम संस्था के अध्यक्ष मेराज अहमद खान के संयोजन में लगभग 350 मरीजों के तीमारदारों, यात्रियों और जरूरतमंद लोगों तक भोजन की थालियाँ पहुँचाई गईं। कई लोगों ने नम आँखों से भोजन ग्रहण करते हुए संस्था के कार्यकर्ताओं को दुआएँ दीं। किसी ने कहा, "आज पूरे दिन कुछ नहीं खाया था, यह भोजन हमारे लिए किसी नेमत से कम नहीं है।"

रेलवे स्टेशन परिसर मे वरिष्ठ सीनियर टिकट निरीक्षक शिव चरण ने भोजन क़ी थाली देकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया.

संस्था के संरक्षक प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ का यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा, "अस्पतालों और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर भूख से जूझ रहे लोगों तक भोजन पहुँचाना केवल सेवा नहीं, बल्कि मानवता का सबसे सुंदर रूप है। जब किसी जरूरतमंद के हाथ में भोजन की थाली पहुँचती है, तभी असली संतोष मिलता है।"

वहीं संस्था के संस्थापक निज़ाम खान ने कहा, "हमारा उद्देश्य सिर्फ भोजन बाँटना नहीं, बल्कि उन चेहरों पर मुस्कान लौटाना है जो परिस्थितियों से टूट चुके होते हैं। जब तक समाज में एक भी व्यक्ति भूखा है, तब तक सेवा का यह अभियान जारी रहेगा।"

निज़ाम खान का मानना है कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी इबादत और सबसे बड़ा धर्म है। यही सोच हर सप्ताह सैकड़ों जरूरतमंदों तक सम्मानपूर्वक भोजन पहुँचाने की प्रेरणा बनती है।

राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ सभी समाजसेवियों, युवाओं, व्यापारियों और दानदाताओं से अपील करता है कि आइए, इस सेवा अभियान का हिस्सा बनें। आपका छोटा-सा सहयोग भी किसी भूखे के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है और किसी परिवार की दुआ बन सकता है।

"आइए, मिलकर ऐसा समाज बनाएं जहाँ कोई भूखा न सोए और कोई मजबूर अकेला न रहे।" कार्यक्रम मे मुख्य रूप से सहयोग करने वालों मे सुहेल सिद्दीकी, हाजी मुहम्मद मुजतबा अंसारी, हाजी, फैज उल्लाह अंसारी, जिया उल कमर सिद्दीकी, डॉ शादाब खान, माता प्रसाद जायसवाल, बैजनाथ प्रजापति, इत्यादि का अहम योगदान रहा!

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